Mumbai News: रोजगार मेले में मुम्बई की कंपनी बेरोजगारों के साथ कर रही खिलबाड़, मुम्बई जाकर दर दर भटक रहे युवा


यूपी में बेरोजगार युवाओं के लिए समय समय पर जगह सेवायोजन कार्यालय द्वारा रोजगारों मेलों का आयोजन किया जा रहा है। मेलों में तमाम कंपनियों के अलावा मुम्बई की कैरम मोबिलिटी सॉल्यूशन कंपनी द्वारा भी प्रतिभाग किया जाता है। कंपनी के अधिकृत अधिकारी द्वारा मुम्बई शहर में उबेर कंपनी की टेक्सी चलाने हेतु टेक्सी चालकों की आवयश्कता बतायी जाती है। साक्षात्कार के दौरान बताया जाता कि चयन अभ्यर्थियों के लिए मुम्बई जाने के लिए फ्लाइट के टिकट के रुपये का पेमेंट किया जाएगा साथ उनके रहने व खाने पीने की व्यवस्था भी निशुल्क रहेगी। कंपनी चालक को 22 हजार रुपये तथा 10 से 30 हजार रुपये तक का इंसेंटिव दिया जाएगा। कंपनी के इस लालच को देखते हुए युवा बड़ी संख्या में मुम्बई की ओर रवाना हो रहे हैं। लेकिन मुम्बई पहुंचने पर उनको ठहरने के स्थान पर पानी तक नसीब नहीं हो पाता। खाने पीने की जब बात की जाती है तो कंपनी के कर्मचारी साफ इंकार कर देते हैं। उनका कहना होता है कि उनके ठहरने की व्यवस्था सिर्फ कंपनी द्वारा दी जा सकती है बाकी भोजन की व्यवस्था अभ्यर्थियों को स्वयं करनी होगी। बात जब काम करने की आती हो तो कंपनी के नुमाइंदों द्वारा 12 घंटे  काम करने की शर्त रखी जाती है जबकि 8 घंटे से ज्यादा काम करवाना कानूनी अपराध है। उन्हें निर्धारित समय तक सोने, खाने, पीने, नहाने, शौच व रोजमर्रा के अति आवयशक कार्यों का समय भी नहीं मिल पाता। ऐसी परिस्थिति देख युवा कुछ ही दिनों में जॉब छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं और वे मुम्बई में अन्य रोजगार के लिए दर दर भटक रहे हैं। इस बात की खबर जब लोगों को लगी तो हमारी मीडिया ने इसकी सच्चाई जानने की कोशिश की। एक मीडिया कर्मी कंपनी द्वारा बताए गए एड्रेस पर पहुंचने के लिए मुम्बई की तरफ रुख करता है। वह कंपनी के एड्रेस पर पहुंच जाता है। जहां चार मंजिला इमारत के चौथी मंजिल पर एक पावर हाउस के रूम में बेरोजगार युवा चालक ठहरे हुए थे। पहुंचते ही एक आमान नाम के युवक से भेंट होती है। पूछने पर उसने अपना गृह जनपद रामपुर बताया। काम के बारे में बात हुई तो उसने बताया कि दो दिन से पीने का पानी नहीं आया है। कंपनी का काम को लेकर बहुत बड़ा प्रेसर है। प्रतिदिन 12 घंटे ऑनलाइन रहकर शहर में उबेर कंपनी की कार चलानी है। साथ ही कम से कम 8 ट्रिप पूरी करनी हैं। 12 घंटे कार चलाने के अलावा उसे कार में सीएनजी भरवाने में एक घंटे का समय बर्बाद हो जाता है। कार चलाने की ड्यूटी सुबह सात बजे शुरू हो जाती है तथा रात को लौटते समय 10 से 11 बज जाते हैं। 15 घंटे की इस ड्यूटी में उन्हें रोजमर्रा के आवयशक दैनिक कार्य भी करने होते हैं। दूर दूर से आने बाले बेरोजगार युवा चालक कंपनी की इस तानाशाही से परेशान हो जाते हैं और कुछ ही दिनों में नौकरी छोड़कर घर बापसी कर लेते हैं। वर्तमान में सिर्फ 8 बेरोजगार चालक ही बचे हैं। जिनमे सभी बेरोजगार जल्दी ही घर बापसी करने बाले हैं। पूर्व में जितने भी चालकों ने जॉइन किया था वो सभी बारी बारी से नौकरी छोड़कर अपने अपने घर लौट चुके हैं। इन बातों को सुनकर और आंखों से देखकर मीडियाकर्मी दंग रह गया। यदि आपने भी किसी रोजगार मेले में भाग लिया या लेने जा रहे हैं तो आपको सलाह दी जाती है कि कैरम मोबिलिटी सॉल्यूशन कंपनी के झांसे में बिल्कुल न आएं और मुंबई में जॉब करने का खयाल दिमाग से निकाल दें। हम नहीं चाहते कि आप मुम्बई पहुंचे और कंपनी के तानाशाही फरमानों का शिकार बन जाएं और कुछ ही दिनों में आपकी घर बापसी हो जाये।

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